IPC Section 122 in Hindi – आईपीसी धारा 122 क्या है सजा | जमानत

आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि भारतीय दंड संहिता की धारा 122 क्या हैं (what is IPC section 122 in Hindi), आईपीसी धारा 122 में कैसे अपराध होता है, कितनी सजा होती है, यह अपराध जमानती है या नहीं है और अगर जमानती है तो जमानत कैसे होती है, एक वकील की जरूरत कब लगती है और इस अपराध को करने से कैसे बचा जा सकता है। यह भारतीय दंड संहिता की धारा 122 क्या कहती है (what does IPC section 122 says in Hindi), इस धारा से जुड़ी सारी जानकारी आपको बताने की कोशिश करेंगे।

आए दिन हमारे भारत में आतंकी हमले होते रहते हैं, भारत के कश्मीर में आए दिन पाकिस्तान आतंकी हमले करते हैं और लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं कभी बम ब्लास्ट कर लिया कभी बारूद से किया कभी गोलीबारी कर हमेशा युद्ध करने की कोशिश में रहते हैं। कई बार हमारे भारत के ही लोग पाकिस्तान को जानकारी प्रदान करते हैं किसी ना किसी तरीके से जिससे पाकिस्तानी हमारे देश में हमला करने के लिए तैयार रहते हैं। इसी हमले की वजह से हमारे भारत के कई सारे सैनिकों और कश्मीर के लोगों की जान चली जाती है।

IPC Section 122 in Hindi

तो आज हम आपको ऐसे ही एक धारा के बारे में बताएंगे की कैसे भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने के आशय से कोई हथियार इकट्ठे करने पर क्या होता है। यह भारतीय दंड संहिता की धारा 122 (IPC section 122 in Hindi) से जुड़ी सारी जानकारी हम आपको इस आर्टिकल में बहुत विस्तार और आसान भाषा में समझाने की कोशिश करेंगे तो आपको यह आर्टिकल अंत तक पढ़ना है।

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आईपीसी धारा 122 क्या है (What is IPC Section 122 in Hindi)

भारतीय दंड संहिता की धारा 122 के अनुसार जो कोई भी व्यक्ति भारत सरकार के खिलाफ युद्ध करने या युद्ध करने की तैयारी करने के इरादे से सैनिक, हथियार या गोलाबारूद इक्कठा करेगा या फिर युद्ध करने की तैयारी करेगा तो ऐसे किसी व्यक्ति को आजीवन कारावास या एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा और आर्थिक दण्ड के साथ भी दंडित किया जायेगा।

आसान भाषा में समझाने की कोशिश करें तो यदि कोई भी व्यक्ति भारत सरकार के खिलाफ युद्ध करने या युद्ध करने की तैयारी करने के इरादे से किसी सैनिक हथियार और गोला बारूद का इकट्ठा करता है या फिर युद्ध करने की तैयारी करता है तो ऐसे व्यक्ति पर धारा 122 लागू की जाती है और उसी के तहत उसे दंडित किया जाता है।

आईपीसी धारा 122 में अपराध का प्रावधान (Punishment in IPC Section 122 in Hindi)

यह दंड संहिता की धारा 122 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति भारत सरकार के खिलाफ युद्ध करने की तैयारी से कोई सैनिक हथियार गोला बारूद इकट्ठा करता है या युद्ध करने की तैयारी करता है तो ऐसे व्यक्ति पर धारा 122 लागू होती है। इस अपराध के तहत किसी भी व्यक्ति को आजीवन कारावास या 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई जाती है और आर्थिक जुर्माना लगाकर भी दंडित किया जाता है। यह एक संज्ञेय अपराध है और समझौता करने योग्य नहीं है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

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भारतीय दंड संहिता की धारा 122 में जमानत का प्रावधान (Bail in IPC Section 122 in Hindi)

भारतीय दंड संहिता की धारा 122 के अनुसार जो कोई भी व्यक्ति भारत सरकार के खिलाफ युद्ध करने या युद्ध करने की तैयारी करने के इरादे से सैनिक, हथियार या गोलाबारूद इक्कठा करेगा या फिर युद्ध करने की तैयारी करेगा तो ऐसे किसी व्यक्ति को आजीवन कारावास या एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाता और आर्थिक दण्ड के साथ भी दंडित किया जाता है।

यह एक गैर जमानती अपराध है, इस अपराध में किसी भी अपराधी को जमानत मिलना काफी मुश्किल होता है। इस अपराध में किसी की मृत्यु नहीं होती मगर यह पूरे देश से जुड़ा एक अपराध है जो देश के साथ गद्दारी करता है ऐसे में किसी भी अपराधी का बचना काफी मुश्किल होता है। यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं होता है और किस भी मजिस्ट्रेट द्वारा काफी विचार नहीं होता है। ऐसे अपराध में किसी भी अपराधी को जमानत मिलने में काफी साल लग जाते हैं।

वकील की जरूरत कब लगती है।

भारतीय दंड संहिता के अनुसार यह एक गैर जमानती अपराध है जिसमें किसी भी अपराधी को जमानत मिलना काफी मुश्किल होता है तो उसे में एक वकील की जरूरत तो लगती ही है जो उसे जमानत दिलवा सकें। ऐसे अपराधों में आरोपी को निर्दोष करना काफी मुश्किल होता है तो उसे सिर्फ एक वकील ही बचा सकता है जो उसे निर्दोष साबित कर जमानत दिलवा सके। किसी भी केस को सुलझाने के लिए एक ऐसे वचन को नियुक्त करना चाहिए जो अपने क्षेत्र में निपुण हो और अपराधी को निर्दोष साबित कर उसे जमानत दिलवा ने में मददगार साबित हो सके।

Note: भारतीय दंड संहिता की धारा 122 के अपराध से बचने का एक ही रास्ता है की आप ऐसे काम बिलकुल भी ना करे जो देश के लिए खराब हो क्यूंकि आपकी एक गलती की वजह से पूरा देश परेशान होता है।

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Conclusion

इस आर्टिकल में हमने बताया कि कैसे देश के खिलाफ युद्ध करने पर या कोई हथियार रखने पर क्या होता है, कितनी सजा होती है, जमानत मिलना कितना मुश्किल होता है और कैसे वकील मददगार साबित हो सकता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 122 (IPC section 122 in Hindi) से जुड़ी सारी जानकारी हमने आपको बहुत ही विस्तार और आसान भाषा में समझाने की कोशिश की है।

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