IPC Section 185 in Hindi – आईपीसी धारा 185 क्या है पुरी जानकारी

दोस्तों आज की इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि भारतीय दंड संहिता की धारा 185 क्या है (What is IPC section 185 in Hindi), आईपीसी धारा 185 में कैसे इसमें अपराध होता है, किस तरह की सजा सुनाई जाती है, जमानत होती है या नहीं, इस अपराध को करने से कैसे बचा जाए। भारतीय दंड संहिता की धारा 185 क्या कहती है (What does IPC section 185 says in Hindi), सब कुछ विस्तार से जानेंगे।

आज के इस युग में कई बार देखने को मिलता है कि कोई सरकारी कर्मचारी नौकरी करने के अलावा अवैध कार्य भी करते हैं ताकी ज्यादा पैसे कमा सकें, ज्यादा आराम की जिंदगी जी सकें, कभी वो किसी अवैध ज़मीन को बेचने का कार्य या फिर किसी अवैध चीज़ की हेरा फेरी या फिर कुछ ओर अवैध कार्य करते है। बल्कि सरकारी नौकरी करते हुए अवैध कार्य करना जुर्म माना जाता है, सरकार इसकी इजाजत नहीं देती है, पर फिर भी लोग चुप के से करते है।

IPC Section 185 in Hindi

तो आज हम ऐसे ही एक धारा के बारे में जानेंगे कि कैसे यदि कोई लोकसेवक कर्मचारी कोई अवैध ज़मीन बेचता है या खरीदता है तो क्या होता है, कैसे सजा सुनाई जाती है, यह सभी बातें हम भारतीय दंड संहिता की धारा 185 (IPC section 185 in Hindi) में जानेंगे तो आपको यह आर्टिकल अन्त तक पढ़ना है।

Most Read: CRPC 482 in Hindi – सीआरपीसी की धारा 482 क्या है

आईपीसी धारा 185 क्या है (What is IPC Section 185 in Hindi)

भारतीय दंड संहिता की धारा 185 के अनुसार:  लोक सेवक के प्राधिकार (वह अधिकार जो किसी अधिकारी को अपने पद से प्राप्त होता है) द्वारा बेचने के लिए प्रस्थापित (जिसकी स्थापना हो चुकी है) की गई संपत्ति का अवैध खरीददारी या उसके लिए अवैध बोली लगाना।

जो कोई भी किसी संपत्ति के  ऐसे विक्रय (खरीदारी) में जो लोक सेवक के नाते लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार (Authority) द्वारा हो रहा हो, किसी ऐसे व्यक्ति के माध्यम से चाहे वह व्यक्ति वह स्वयं हो, या कोई अन्य हो, किसी संपत्ति की खरीदारी करेगा या किसी संपत्ति के लिए बोली लगाएगा,

जिसके बारे में वह जानता हो कि वह व्यक्ति उस विक्रय में उस संपत्ति के क्रय करने के बारे में किसी कानूनी संबंध के अधीन है या ऐसी संपत्ति के लिए यह सोचकर रखकर बोली लगाएगा कि ऐसी बोली लगाने से जिन बाध्यताओं के अन्दर वह अपने आप को डालता है उन्हें उसे पूरा नहीं करना है। ऐसे व्यक्ति पर भारतीय दंड संहिता की धारा 185 लगा कर उसके अनुसार दंडित किया जाएगा।

आईपीसी धारा 185 में सजा का प्रावधान (Punishment in IPC Section 185 in Hindi)

भारतीय दंड संहिता की धारा 185 के अनुसार यदि कोई लोकसेवक किसी भी अवैध ज़मीन को खरीदता या उसे बेचता है तो उसे अपराध माना जाता है। चुकीं एक सरकारी कर्मचारी के पास ऐसे किसी अवैध व्यापार करना जुर्म माना जाता है, सरकार उसे यह अधिकार नहीं प्रदान करती है की वो सरकार के अधीन रहते हुए कुछ अवैध कार्य करें।

यदि वो ऐसा करता है तो उस व्यक्ति को न्यायालय 1 महीने की कारावास और आर्थिक जुर्माना लगा कर दण्डित करती है। यह एक अपराध गैर-संज्ञेय है किसी भी न्यायाधीश द्वारा विचारणीय है। यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

Most Read: IPC Section 497 in Hindi – आईपीसी धारा 497 क्या है सजा | जमानत

आईपीसी धारा 185 में जमानत का प्रावधान (Bail in IPC Section 185 in Hindi)

भारतीय दंड संहिता की धारा 185 के अनुसार यदि कोई लोकसेवक कोई अवैध ज़मीन खरीदता या बेचता है तो न्यायालय उस व्यक्ति को 1 महीने की कारावास और आर्थिक जुर्माना लगा कर दंडित करती है। चुकीं यह अपराध में ज्यादा गंभीर कुछ होता नहीं, किसी को कोई चोट लगती नहीं, जिसके चलते इस अपराध को ज़मानती माना जाता है।

किसी भी अपराध में जमानत लेने के लिए एक वकील की ज़रूरत तो लगती ही है जो आरोपी को आसानी से जमानत दिलवा सकें। यदि आरोपी उच्च न्यायालय में जमानत की याचिका दायर करता है तो उसकी याचिका को स्वीकार कर लिया जाता है। किसी भी मामले को सुलझाने के लिए एक ऐसे वकील को नियुक्त करना चाहिए जो पहले से अपने क्षेत्र में निपुण हो और आरोपी को निर्दोष साबित कर सकता हो।

 Note:  इस धारा से बचने का तरीका यह है कि कोई गैर कानूनी कार्य ना करें जिसमें आपको कोई नुक़सान हो आगे चलकर यदि आप ऐसा करते है तो आपके घर इनकम टैक्स वालो का छापा भी लग सकता है यदि सरकार को शक हुआ तो इससे अच्छा कुछ अवैध कार्य करे ही ना जिससे कोई परेशानी पैदा हो।

Conclusion

इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि कैसे कोई अवैध कार्य करने पर क्या होता है, कैसे सजा सुनाई जाती है, किस तरह जमानत होती है, इस अपराध को करने से कैसे बचा जाए सबकुछ हमने विस्तार से जाना और समझा, भले ही हमारे काम में ना आती हो यह सभी बातें मगर इन सभी बातों के बारे में जानना हमारे लिए आवश्यक है ताकी यदि कभी हमारी किसी दोस्त या रिश्तेदार के साथ हो तो हम उन्हें बता सकें और सही निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं।

Most Read: CRPC Section 164 in Hindi – सीआरपीसी की धारा 164 क्या है 

भारतीय दंड संहिता की धारा 185 क्या है (What is IPC section 185 in Hindi), आईपीसी की धारा 185 क्या कहती है (What does IPC section 185 says in Hindi) हम उम्मीद करते हैं आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और लाभकारी साबित हुआ होगा अगर आपको पसंद आया है तो अपने साथियों के साथ जरूर शेयर करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here