IPC 498 in Hindi – आईपीसी धारा 498 क्या है सजा | जमानत

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दोस्तों आज की इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आईपीसी धारा 498 क्या है। (What is IPC Section 498 in Hindi), आईपीसी धारा 498 में कैसे सजा होती है, आईपीसी धारा 498 कैसे इसमें जमानत होती है। (How is punishment and bail in IPC section 498 in Hindi) यह धारा क्या कहती है। (What does IPC section 498 says in Hindi), सब कुछ विस्तार से जानेंगे बस आप आर्टिकल लास्ट तक पढ़ते रहना।

यह धारा महिलाओं और पुरुषों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। अगर कोई व्यक्ति किसी महिला को जिसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है उसको अपने साथ किसी गलत इरादे से ले जाता है तो उसे किस धारा के तहत कितनी सजा होगी और किस धारा के तहत मुकदमा दर्ज होगा इन सब के बारे में आज हम जानेंगे। इस धारा को जानना हमारे लिए बहुत ही जरूरी है क्योंकि तभी हम अपने घर की महिलाओं की सुरक्षा कर सकते हैं।

तथा अपने मौलिक अधिकारों को भी बचा सकते हैं तथा लोगों को ऐसे गलत काम करने से बचा सकते हैं आज हम इस आर्टिकल में ipc 498 kya hai? ipc 498 कौन सा अपराध करने के बाद लगते हैं? ipc 498 में क्या प्रावधान है इन सब के बारे में विस्तार से जानेंगे और इन कानून से हम अपने लोगों की सुरक्षा भी कर सकते हैं और अपने अधिकारों को भी बता सकते हैं जो कि महिलाओं की सुरक्षा और पुरुषों को अपनी पत्नी की सुरक्षा करने में मदद करता है।

IPC 498 in Hindi

अगर कोई पुरुष बाहर है और उसकी पत्नी घर में है उसके साथ किसी भी प्रकार का गलत कार्य हो रहा है तो क्या करें आज इस आर्टिकल में हम इसके बारे में जानेंगे कि कानून उन्हें किस प्रकार की अधिकार प्राप्त कर आता है जिससे वह दूर रहते हुए भी अपनी पत्नियों की रक्षा कर सकते हैं आज का यह आर्टिकल बहुत ही महत्वपूर्ण है अगर आप कानून के विद्यार्थी हैं और कानून के बारे में जानना चाहते हैं तो इस कानून को अच्छे से पढ़ें बस हमारे आर्टिकल को पूरा ध्यान से पढ़ें।

आईपीसी धारा 498 क्या है। (What is IPC Section 498 in Hindi)

अब हम आईपीसी की धारा 498 को हिंदी में बहुत ही आसान शब्दों में समझेंगे इस आर्टिकल में मैं आपको इस धारा से संबंधित बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारियां दूंगा तो सबसे पहले हम जानेंगे कि आईपीसी की धारा 498 क्या है और किस अपराध के बाद आपके ऊपर इसके तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

अगर कोई लड़का या पुरुष किसी भी महिला जिसकी उम्र 18 साल से अधिक हैं उसे अपने साथ ले जाता है ताकि वह उसके साथ शारीरिक संबंध बना सके और उसके साथ गलत कार्य कर सकें गलत इरादे के साथ उसे अपने साथ ले जाता है तो उस लड़के या पुरुष पर 498 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा इस तरह का अपराध को आईपीसी की धारा 498 में परिभाषित किया गया है।

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अगर कोई व्यक्ति अपने कार्य के कारण घर से बाहर रहता है और उसकी पत्नी घर में रहती है अगर कोई भी पुरुष या युवा जोकि गलत इरादे के साथ उनकी पत्नी के साथ बात करने लगता है या उनको अपनी तरफ सम्मोहित करने लगता है जिसके बाद वह उन का फायदा उठाने के लिए उन्हें जबरदस्ती अपने साथ ले जाता है उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता है तो उस तरह के पुरुष या युवा पर IPC Section 498 लगती है।

अगर यह कार्य उन दोनों के सहमति से हो रहा है तब पुरुष के ऊपर यह धारा नहीं लगेगी। अगर पुरुष महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाता है पर महिला की शारीरिक संबंध बनाने से इंकार करती है तो फिर महिला उस पुरुष के ऊपर मुकदमा या केस कर सकती है और इस पुरुष को 498 के तहत सजा होगी।

यह कानून आज के युवाओं के लिए हैं जो कि दूसरों की पत्नियों और बड़ी बहनों पर गलत नजर रखते हैं अगर आपका इरादा गलत है तो आपको इन सब चीजों से बचना चाहिए क्योंकि इन सब चीजों के लिए बहुत ही कठोर कानून है आपको इन कानूनों पर बहुत जल्दी सजा मिल सकती है।

यह कानून उन लोगों के लिए बहुत ही बेहतर है जो कि बाहर रहते हैं और उन्हें अपने घर वालों का फिक्र होता है कि वह किसी बहकावे में ना आ जाएं और कुछ गलत कार्य ना कर बैठे, इस कानून के तहत बाहर कार्य कर रहे लोग अपनी पत्नी और अपनी बहनों की रक्षा कर सकते हैं।

 Example:  मान लीजिए एक औरत है जो कि अपने ससुराल में रहती है और उसका पति एक सैनिक है और वह बाहर आता है आप उस औरत से नजदीकियां बढ़ाते हैं उससे बातचीत करते हैं और उसे अपनी बाहों में ले आते हैं पर वह औरत अपनी पति से बहुत प्यार करती है आप उस औरत से नजदीक जाते है जैसे ही आप उस औरत के साथ शारीरिक संबंध करते हैं।

पर औरत की मर्जी के बिना और औरत को इस बात से बुरा लगता है कि उसने अपने पति को धोखा दिया है तो आप पर मुकदमा कर सकती है इसीलिए अगर आप ऐसा करने की सोचते भी है तो आपको इन सब चीजों के बारे में मालूम होना चाहिए कि यह कानून आपको बहुत ही कठिन सजा दी कि हमें दूसरों की अमानत पर नजर नहीं डालना चाहिए तथा आज के युवाओं को इन सब चीजों से बचना चाहिए।

आईपीसी धारा 498 में  सजा का प्रावधान (Punishment in IPC Section 498 in Hindi)

आईपीसी धारा 498 के तहत आपको 2 साल तक की सजा हो सकती है अगर आपने इस तरह का जुल्म किया है तो आपको इस धारा के तहत 2 साल की कारावास हो सकती है।

आईपीसी धारा 144 में जमानत का प्रावधान (Bail in IPC section 144 in Hindi) और क्या आईपीसी की धारा 498 जमानती है? हां आईपीसी की धारा 498 में आपको जमानत मिल जाएगी और बिना वारंट के पुलिस आपको गिरफ्तार भी नहीं कर सकती यानी यह धारा कॉग्निजेबल भी है।

आईपीसी की धारा 498 में बेल लेने के लिए आपको न्यायालय के न्यायाधीश से Bail की विनती करनी होती है और यह आपके वकील द्वारा की जाती है बेल के लिए सुनवाई न्यायाधीश द्वारा की जाती है अगर न्यायाधीश आपके बेल को अप्रूव कर देते हैं तो फिर आपको बेल प्राप्त हो जाती है। 

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इस धारा में वकील की जरूरत क्यों पड़ती है?

आईपीसी की धारा 498 एक बहुत ही संगीन अपराध को परिभाषित करती है और इस तरह के अपराधों से बचने के लिए और कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए वकीलों की जरूरत पड़ती है क्योंकि वकील को कानून की जानकारी अच्छी होती है और वह आपके पक्ष को बहुत अच्छे तरीके से जज के सामने रख सकती है इसीलिए 498 धारा में वकील की जरूरत बहुत ज्यादा है।

IPC 498 की धारा से कैसे बच सकते हैं?

आईपीसी की धारा 498 से हम सबसे पहले तो इस तरह के संगीन जुर्म को ना ही करके बच सकते हैं अगर फिर भी किसी ने आपके ऊपर झूठा इल्जाम लगाया है तो आप अच्छे वकील के द्वारा अपने पक्ष को कोर्ट पर रखें और अपनी वकील को अपनी सारी बातें बताएं ताकि वकील आपकी बातों और आपकी कहानी के जरिए कोर्ट के सामने ला पाएं और आपके ऊपर लगाए गए इल्जाम उनके खिलाफ वह सबूत जुटा पाए तभी जाकर आपको इस अपराध से बरी किया जाएगा अगर आपके पास पर्याप्त सबूत हैं तभी जाकर आप इस अपराध से बरी हो सकते हैं।

आईपीसी की धारा 498 के तहत मुकदमा कैसे करें?

अगर आपके पत्नी के साथ ऐसा कुछ होता है उसके साथ किसी व्यक्ति ने जबरदस्ती किया है और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की है तो आप डायरेक्ट पुलिस थाने में जाकर उस व्यक्ति के खिलाफ 498 के तहत मुकदमा कर सकते हैं पुलिस उसके इस अपराध को 498 के तहत दर्ज करती है या फिर आप कोर्ट में जाकर डायरेक्ट अर्जी कर सकते हैं

Conclusion 

आज के आर्टिकल में हमने बहुत ही महत्वपूर्ण धारा के बारे में जाना है आज इस आर्टिकल में हमने आईपीसी की धारा 498 की बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारियों को जाना है इस आर्टिकल में हमने आईपीसी की धारा 498 को उदाहरण के साथ समझा है मुझे उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़कर आपको ईपीसी धारा 498 क्या है। (What is IPC Section 498 in Hindi), आईपीसी धारा 498 में कैसे सजा होती है, आईपीसी धारा 498 कैसे इसमें जमानत होती है। (How is punishment and bail in IPC section 498 in Hindi)।

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आईपीसी की धारा 498  कितने दिनों की सजा का प्रावधान है इन सब के बारे में हमने जाना है। मुझे उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़कर आपको आईपीसी की धारा 498 की सारी जानकारी मिल गई होगी अगर आपके मन में फिर भी कोई प्रश्न है तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं और अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आया तो हमारे आर्टिकल को शेयर जरूर करें ताकि सभी लोगों तक इस धारा की जानकारी पहुंच सके अगर आप हमारे आर्टिकल के संबंध में राय देना चाहते तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताए।

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