IPC 27 in Hindi – आईपीसी की धारा 27 क्या है पूरी जानकारी

दोस्तों आज की इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आईपीसी धारा 27 क्या है। (What is IPC Section 27 in Hindi), आईपीसी धारा 27 में कैसे सजा होती है, आईपीसी धारा 27 कैसे इसमें जमानत होती है। (How is punishment and bail in IPC section 27 in Hindi) यह धारा क्या कहती है। (What does IPC section 27 says in Hindi), सब कुछ विस्तार से जानेंगे बस आप आर्टिकल लास्ट तक पढ़ते रहना।

दोस्तों आपने ये खबर तो सुनी ही होगी की MR. XYZ के नौकर के पास से अवैध शराब बरामद हुई जिसके बाद में जांच करने के बाद ये पाया गया की वो जितनी भी अवैध शराब थी वो MR. XYZ की ही थी जिन्होंने अपने आपको को बचने के लिए अपने नौकर के घर में इसे छिपाया था या उसे रखने को कहा था। दोस्तों इस तरह की खबरें तो आप लोगो ने बहुत बार ही सुनी होगी और क्यों न हो, ये इस तरह की खबरें

आज कल तो आम बात हो गयी है। कि पुलिस से बचने के लिए कोई नौकर का सहारा लेता है या फिर अपने किसी रिश्तेदार का और तो और आज कल अपने दोस्तों को भी अपने अवैध सामान रखवा देते है। तो दोस्तों इन सब चीजों के लिए या फिर कहे तो इस सबके लिए भारतीय दंड संहिता में एक और धारा का उल्लेख हमे मिलता है जो ये IPC Section 27 में बताई गई है।

IPC 27 in Hindi

तो दोस्तों आपको अच्छा ख़ासा hint भी मिल गया है की आज हम जिस धारा के बारे में जानेंगे वो कितना ज़्यादा important है। तो फिर दोस्तों देर किस बात की चलिए शुरू करते है आईपीसी की धारा 27 के बारे में जानकारी हासिल करते है। दोस्तों इस आर्टिकल को आप पूरा लास्ट तक पढ़ें ताकि आपको अच्छी और पूरी जानकारी आसान शब्दों में मिल जाये ताकि आप किसी को भी उतने ही सरल ढंग से बता सके जितना आपने सरल तरीके से हमारे आज के आर्टिकल से सीखा है।

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आईपीसी की धारा 27 क्या है (What is IPC 27 in Hindi)

दोस्तों आगे इस पर बात करने से पहले हम इसके दिए हुए परिभासा से शुरुआत करते है ताकि हम चीजों को सरल तरीके में समझ सके तो “भारतीय दंड संहिता की धारा 27 के अनुसार, जबकि सम्पत्ति किसी व्यक्ति के निमित्त उस व्यक्ति की पत्नी, लिपिक या सेवक के कब्जे में है, तब वह इस संहिता के अर्थ के अन्तर्गत उस व्यक्ति के कब्जे में ही है।” 

स्पष्टीकरण: लिपिक या सेवक के नाते अस्थाई रूप से या किसी विशिष्ट अवसर पर नियोजित व्यक्ति इस धारा के अर्थ के अन्तर्गत लिपिक या सेवक है।

According to Section 27: Property in possession of wife, clerk, or servant.

When a property is in the possession of a person’s wife, clerk, or servant, on account of that person, it is in that person’s possession within the meaning of this Code.

Explanation- A person employed temporarily or on a particular occasion in the capacity of a clerk or servant, is a clerk or servant within the meaning of this section.

आसान शब्दों में आईपीसी की धारा 27 के बारे में

चलिए इसे अब समझते है आसान शब्दों मेंअगर किसी व्यक्ति ने अपनी पत्नी, नौकर, या और किसी के पास में अपनी कोई चीज रखवाई है जो की कानूनन रूप से अवैध है और बाद में check किये जाने पर वो चीजे वहाँ से बरामद होती है तो फिर ये मान लिया जायेगा की वो चीज उस व्यक्ति का ही है जिसने उसे वहाँ रखवाया था।

और इसके ही मुताबिक उसे सजा भी मिलेगी। लेकिन अब बात करते है इसके सबसे Important point के बार में कि व्यक्ति को उस रखवाई हुई चीज जो कि कानूनन रूप से अवैध है उस चीज कि Knowledge या जानकारी उसे है या नहीं ? दोस्तों अगर वो व्यक्ति जिसने कुछ अवैध चीजों को या तो अपने नौकर को या अपनी पत्नी, रिश्तेदार या फिर अपने दोस्तों के पास में रखवाया है और वह व्यक्ति ये जनता है

मतलब कि उसे इस बात कि जानकारी है और पुलिस केस होने के बाद ये पता चलता है कि उस व्यक्ति को इसके बारे में जानकारी थी की ये अवैध चीजे किसके पास रखवाई गयी है तब पता चल जाने पर आपको सजा मिलेगी, आप पुलिस और कानून से ऐसा करने पर नहीं बच सकते।

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 Example:  चलो एक छोटे से उद्धरण से इसे और बेहतर तरीके से समझ लेते है, मान लो कोई नौकर आया आपके घर काम करने के लिए लेकिन आपने उसे temporary basis में रखा था। आपने अवैध शराब को 20 दिन के लिए अपने नौकर के पास छुपवा दिया। 

अब पुलिस केस हुआ जिसमे काफी दिनों के जांच के बाद ये पता चला के आपने उन अवैध शराबों या अन्य कोई प्रॉपर्टी को अपने नौकर के पास रखवाया है जबकि ये आपका temporary नौकर था तब इस स्थिति में भी यही माना जायेगा कि वो अवैध सामान आपका यानी जिसने रखवाया है उसी का ही है।

 Note:  दोस्तों इसमें Bascially यही बताया गया है, कि यदि आप कोई अवैध वस्तु को अगर किसी के पास रखवाते हो और जिसकी जानकारी आपको पहले से भी थी, जो की कानूनन रूप से अवैध है और रखवाया है, और बाद में Check किये जाने पर वो चीजे वहाँ से बरामद होती है तो फिर ये मान लिया जायेगा की वो चीज उस व्यक्ति का ही है, जिसने उसे वहाँ रखवाया था। और इसके ही मुताबिक उसे सजा भी मिलेगी।

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आशा है की आपको आईपीसी धारा 27 क्या है? (What is IPC Section 27 in Hindi) इससे सम्बंधित बहुत सी जानकारी आपको हुई होगी और साथ ही IPC की धारा 27 क्या कहती है? (What does section IPC 27 says in Hindi). इसकी जानकारी भी आपको मिल गयी होगी।

तो अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया हो तो आप अपने दोस्तों के साथ जरूर इसे शेयर करें ताकि आपके दोस्त भी हमारे भारतीय दंड संहिता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।

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