IPC 279 in Hindi – आईपीसी धारा 279 क्या है पूरी जानकारी

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दोस्तों आज की इस आर्टिकल में हम आपको बताऊंगा की आईपीसी धारा 279 क्या है (What is IPC 279 in Hindi) आईपीसी धारा 279 में सजा और जमानत कैसे होती है (How is punishment and bail in IPC section 279 in Hindi) इसकी जानकारी दूंगा ताकि आपको IPC section 279 को समझने में दिकत न हो तो बस आर्टिकल पूरा पढ़ना।

भारत का कंस्टीटूशन (constitution: सम्भिधान) भारतवासिओं को उनके अधिकार प्रदान कराती है। सम्भिधान में धारा लिखी हुई है जिनको पालन हमारे देश में हर इंसान करता है। हमारे सम्भिधान में हर व्यक्ति के अधिकार लिखे है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा महसूस करता है की उसके अधिकार छीने गए है तो हमारे भारत के कोर्ट (court: न्यायलय) में अपील कर सकते है।

IPC 279 in Hindi

न्यायलय हर  एक व्यक्ति को उसके अधिकार मुहैया कराते है। अगर कोई व्यक्ति कोई गलती करता है अथवा कोई अपराध करता है तो पुलिस प्रशाशन उसके खिलाफ कार्वाई करती है , और करवाई करते समय भी वे हर अपराधी, जो की एक इंसान भी है।

उसके अधिकार सुरक्षित रखती है , क्योंकी भारत देश में अपराधी को भी हर वो अधिकार उपलब्ध कराये जाते है जो एक आम नागरिक को प्रदान है। और भारत का सम्भिधान भारत को  पुरे दुनिआ में सबसे बड़ी लोगतान्त्रिक देश बनाती है।

IPC 279 in Hindi – आईपीसी धारा 279 क्या है पूरी जानकारी

भारत के सम्भिधान के बहुत से धाराओ में से एक धारा है धारा 279 है यानी की IPC Section 279।  भारत दंड सहित धारा 279 (Indian Panel code 279)। आखिर क्या है ये धारा 279? कोनसे अधिकार देती है ये लोगो को ?  कौन हखदार है इस धारा का ? और कोण निर्णय करता है की कोन दोषी है और कोण पीड़ित।

अगर अब भी नहीं जानते है इन सब प्रश्नो को या फिर और जानना चाहते है धारा 279 के बारे में तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े और जानिए हमारे देश के सम्भिधान को थोड़ा और गेहेराई से और जानिए यह भी की आप कैसे बच सकते है ऐसे IPC Section 279 को तोरने से।  तो बने रहिए हमारे साथ अंत तक।

आईपीसी धारा 279 क्या है (What is IPC 279 in Hindi)

तो दोस्तों क्या आपने कभी सोचा था की रैश ड्राइविंग (Rash driving) अर्थात लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारन आप भारत के सम्भिधान (Indian constitution) की धारा 279 तोर सकते है , और जिसके वजे से Rs.1000 तक का जुरमाना भरना पड़ सकता है। लापरवाही से सार्वजनिक (public) स्थान पर  गाड़ी चलाने के कारन अगर कोई व्यक्ति हताहत होता है।

तो आपको IPC Section 279 के अंतर्गत 6 महीने तक की कारावास भी घोषित हो सकती है। धारा 279 भारत के हर व्यक्ति को ये अधिकार प्रदान करते है की अगर कभी उसे ऐसा महसूस हो की उसके अधिकार छीने गए हो अर्थात कभी किसी लापरवाह व्यक्ति के गाड़ी से कोई दुर्घटना घटित हुई हो तो वो पीड़ित व्यक्ति धरा 279 के अंतर्गत भारतीय न्यायलय (Indian Juridical court) के सामने ये मांग कर सकती है।

की उस अपराधी को सजा मिले और न्यायलय भारतीए सम्भिधान के धारा के अनुसार उस व्यक्ति को, उस अपराधी को दंड प्रदान करेगी। पुलिस प्रशाशन भी इन्ही धाराओ के अनुसार अप्राधिओं के खिलाफ कार्वाई करती है। हमारे देश के न्यायलय ये सुनाचित करता है की किसी भी व्यक्ति चाहे वो पीड़ित हो या फिर वो अपराधी हर  किसी के उनके  अधिकार उन्हें प्राप्त हो।

हमारे भारत दंड सहित धारा 279 के बारे में और जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहे यानी की लास्ट तक आर्टिकल पढ़िए और लॉ के नजरिए से जाने धारा 279 को जाने।

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भारत दंड सहित धारा 279 क्या कहती है (IPC 279 STATEMENT IN HINDI)

भारत दंड संहिता की धारा 279 (IPC 279 IN HNDI) के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति किसी वाहन को एक पब्लिक  मार्ग पर किसी तरह की जल्दबाजी या लापरवाही से चलाता है (rash driving), जिससे मानव जीवन को कोई संकट या किसी व्यक्ति को चोट या आघात पहुंचा सकता है, तो उस व्यक्ति पर इस धारा के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाता है। 

भारत दंड सहित धारा 279 में सजा क्या है?

भारत दंड सहित धारा 279 में सजा क्या है ? (IPC 279 PUNISHMENT IN HINDI):- इस धारा के अनुसार ऐसे कार्य करने अपराधी को  6 महीने की कारावास दंड दिए जा सकता है और उसके साथ ही जुरमाना भरना पर सकता है जो की 1000 रुपये तक हो सकते है। 

न्यायलय अगर पीड़ित के आरोप के अनुसार अपराधी को दोषी पाई जाती है तो भारत के सम्भिधान के अनुसार सजा सुनाई जायेगी। यह भी हम आपको बता दे की यह एक जमानती (BAILABLE) अपराध है अर्थात आप जमानत देके निकल सकते है गिरफ्त से।  

भारत दंड सहित धरा 279 में जमानत का प्रावधान।(Bail option in Indian Panel Code 279)

धारा 279 एक दंडनीय (punishable) अपराध है पर इस के लिए जमानत (bail) भी मजूद है। एक व्यक्ति अगर धारा 279 के अंतर्गत गिरफ्तार होता है तो वो व्यक्ति जमानत के लिए नयायलय में दरखास्त (appeal) कर सकता है।  जमानत के लिए  न्यायालय में जमानत याचिका दायर करने पर न्यायालय द्वारा उसकी याचिका पर जमानत दी जायेगी।  यह एक प्रावधान है हमारे सम्भिधान में।  

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धारा 279 आर्टिकल का सार (Article Synopsis) 

मैंने इस आर्टिकल में आपको वह सभी जानकारी देने की कोशिश की है जो की एक व्यक्ति के लिए जरुरी है। ईपीसी धारा 279 क्या है (What is IPC 279 in Hindi) आईपीसी धारा 279 में सजा और जमानत कैसे होती है (How is punishment and bail in IPC section 279 in Hindi) धारा 279 एक ऐसी धरा है जो की हर एक व्यक्ति के लिए जानना आवश्यक है।

क्योंकी भारत देश में रास्तो में होने वाले दुर्घटनाओं की संख्या बोहोत अधिक है। भारत में रहने वाले हर व्यक्ति को अपने अधिकार मालूम होने चाहिए ताकि वो अपने तथा दुसरो के सम्भिधानिक अधिकारों की रक्षा कर  सके और जरुरत पड़ने पर नयायलय से मदद ले सके।

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हमने आपको लॉ के नजरिये से तथा आम शब्दों में धारा 279 के ऊपर रौशनी डालने की कोशिश की है। अगर आपको हमारा काम अच्छा लगा तो जरूर इस आर्टिकल को शेयर करे और अपने दोस्तों को जागरूक करे और अपने समझ में सुधार लाये। और अगर आपको कुछ कहना है या फिर कोई बात सही नहीं लगी हो तो जरूर कमेंट करके बताये हमे।।

धन्यवाद  

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