IPC Section 126 in Hindi – आईपीसी धारा 126 क्या है पूरी जानकारी

आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि भारतीय दंड संहिता की धारा 126 क्या है (What is IPC section 126 in Hindi), कैसे इसमें अपराध होता है, कितनी सजा सुनाई जाती है, जमानत होती है या नहीं, वकील की ज़रूरत कब लगती है, इस अपराध को करने से कैसे बचा जा सकता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 126 क्या कहती है (what does IPC section 126 says in Hindi), सब कुछ विस्तार से जानेंगे।

अक्सर देखते है कि बहुत से लोग होते हैं जो जिस देश में रहते हैं उसी देश का बुरा सोचते है या सोचते हैं कि किसी मित्रता वाले देश सम्बंध ख़राब हो जाए या कोई अनबन हो जाये, भले वो खुल कर व्यक्त नहीं करते पर मन ही मन सोचते है। या फिर वो खुद ऐसा करने की कोशिश करते हैं जिससे पड़ोसी देश या अच्छे सम्बंध वाले देश से रिश्ते ख़राब हो जाये, किसी सोशल नेटवर्क पर ऐसी कुछ पोस्ट करते है जिससे देश की गरिमा को ठेस पहुंचे या शांति भंग हो।

IPC Section 126 in Hindi

आज हम ऐसे ही एक धारा के बारे में जानेंगे और देखेंगे कि जो कोई भारत सरकार के साथ अच्छे मित्रता के संबंध रखने वाली शक्ति के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करने की कोशिश करता है तो क्या होता है। यह सभी बातें हम भारतीय दंड संहिता की धारा 126 में जानेंगे तो आपको यह आर्टिकल अन्त तक पढ़ना है।

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आईपीसी धारा 126 क्या है (What is IPC Section 126 in Hindi)

भारतीय दंड संहिता की धारा 126 के अनुसार जो कोई जो कोई भारत सरकार से मैत्री का या शांति का संबंध रखने वाली किसी शक्ति के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करेगा या लूटपाट करने की कोशिश करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने से और ऐसी लूटपाट करने के लिए उपयोग में लाई गई या उपयोग में लाई जाने के लिए आशयित या ऐसी लूटपाट द्वारा अर्जित संपत्ति के समपहरण से भी दंडनीय होगा।

यानी कि यदि भारत सरकार का किसी अन्य देश से अच्छे संबंध है और कोई व्यक्ति उस देश में जाकर लूटपाट करता है, कोई नुक़सान करता है तो ऐसे व्यक्ति पर भारतीय दंड संहिता की धारा 126 लागू होती है और इसके अनुसार उसे दण्डित किया जाता है। यह एक गंभीर अपराध है और समझौता करने योग्य नहीं है। ऐसा करने से भारत सरकार के संबंध अन्य देश से ख़राब हो सकते हैं।

आईपीसी धारा 126 में सजा का प्रावधान (IPC Section 126 in Hindi)

भारतीय दंड संहिता की धारा 126 के अनुसार जो कोई भारत सरकार से मैत्री का या शांति का संबंध रखने वाली किसी शक्ति के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करेगा या लूटपाट करने की कोशिश करेगा ऐसे व्यक्ति पर धारा 126 लागू होंगी और इसके अनुसार ऐसे व्यक्ति को 7 वर्ष की कारावास और आर्थिक जुर्माना लगा कर दण्डित किया जाएगा।

यह एक गंभीर अपराध है, ऐसे अपराध समझौता करने योग्य नहीं है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है। किसी भी देश की शान्ति भंग करना या उसकी मर्यादा को ठेस पहुंचाना एक गम्भीर अपराध माना गया है।

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आईपीसी धारा 126 में जमानत का प्रावधान (Punishment in IPC Section 126 in Hindi)

भारतीय दंड संहिता की धारा 126 के अनुसार जो कोई भारत सरकार से मैत्री का या शांति का संबंध रखने वाली किसी शक्ति के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करेगा या लूटपाट करने की कोशिश करेगा ऐसे व्यक्ति पर धारा 126 लागू होंगी और इसके अनुसार ऐसे व्यक्ति को 7 वर्ष की कारावास और आर्थिक जुर्माना लगा कर दण्डित किया जाएगा।

ऐसे मामलों जिनमें देश की इज्जत का सवाल हो ऐसे अपराधों को ग़ैर जमानती माना गया है। ऐसे में किसी भी आरोपी को ज़मानत मिलना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में आरोपी की जमानत याचिका को उच्च न्यायालय भी निरस्त कर देता है।

एक वकील की ज़रूरत क्यों लगती है।

भारतीय दंड संहिता के अनुसार यह एक ग़ैर जमानती अपराध है जिसके चलते किसी भी आरोपी को ज़मानत मिलना मुश्किल होता है तो ऐसे में किसी भी आरोपी को एक वकील ही बचा सकता है जो उसे निर्दोष साबित कर सकें और जमानत दिलवा सकें।

किसी भी मामले को सुलझाने के लिए एक ऐसे वकील को नियुक्त करना चाहिए जो पहले से अपने क्षेत्र में निपुण हो और केस को आसानी से सुलझा सकता हो और आरोपी को ज़मानत दिलवा सकता हो। 

 Note:  इस अपराध से बचने का तरीका यह है कि किसी भी देश में कोई लूटपाट ना करें, ऐसे देश से तो बिल्कुल ना करें जिससे भारत सरकार के संबंध बहुत अच्छे हो, इससे हमारे देश को नुक़सान हो सकता है तो कोशिश करें ऐसा कुछ ना करें जिससे हमारे देश को कोई नुकसान हो या कुछ ठेस पहुंचे।

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दोस्तों इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 126 क्या है (IPC section 126 in Hindi), कैसे इसमें अपराध होता है, कितनी सजा होती है, (How is punishment and bail in IPC section 52 in Hindi) जमानत मिलना कितना मुश्किल होता है, कैसे एक वकील बचा सकता है और कैसे इस अपराध को करने से बचा जा सकता है, सब कुछ बहुत ही आसान भाषा और विस्तार से समझाने की कोशिश की है।

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