IPC Section 454 in Hindi – आईपीसी की धारा 454 क्या है | सजा | जमानत

आज किस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आईपीसी की धारा 454 क्या हैं (what is IPC section 454  in Hindi), आईपीसी की धारा 454 में कैसे अपराध होता है, कितनी सजा होती है, (Punishment and Bail in IPC Section 454) यह अपराध जमानती है या नहीं है और अगर जमानती है तो जमानत कैसे होती है, एक वकील की जरूरत कब लगती है और इस अपराध को करने से कैसे बचा जा सकता है। यह भारतीय दंड संहिता की धारा 454 क्या कहती है (what does IPC section 454 says in Hindi), इस धारा से जुड़ी सारी जानकारी आपको बताने की कोशिश करेंगे।

ऐसा कई बार होता है कि यदि किसी अपराधी को कारावास की सजा सुनाई जाती है तो अपराधी वहां कोशिश करता है वहां से भाग जाने की या कोई और रास्ता ढूंढने की जिससे वह बाहर निकल सके गैरकानूनी तरीके से, और ऐसा करने में बहुत से लोग सफल भी हो जाते हैं। कई बार तो अपराधी की जान पहचान होती है जेल अधिकारी से जो उन्हें बाहर निकालने में मदद करते हैं या फिर उन्हें पैसे दे कर भी गैरकानूनी तरीके से बाहर निकल जाना चाहते हैं। जो जेल अधिकारी होते हैं वह पैसे लेकर अपराधी को कोई रास्ता बता कर उन्हें बाहर निकाल देते हैं।

IPC Section 454 in Hindi

तो आज हम आपको ऐसे ही एक धारा के बारे में बताएंगे की कारावास से दण्डनीय अपराध के लिए छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेद करने पर क्या होता है। यह भारतीय दंड संहिता की धारा 454 (IPC section 454 in Hindi) से जुड़ी सारी जानकारी हम आपको इस आर्टिकल में बहुत विस्तार और आसान भाषा में समझाने की कोशिश करेंगे तो आपको यह आर्टिकल अंत तक पढ़ना है।

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आईपीसी की धारा 454 क्या है (What is IPC Section 454 in Hindi)

भारतीय दंड संहिता की धारा 454 के अनुसार जो भी कोई व्यक्ति कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करता है, तो ऐसे किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा 3 वर्ष की कारावास और आर्थिक जुर्माना लगाकर दंडित किया जाता हैं।

यदि वह अपराध जिसका आशय चोरी करना हो, तो कारावास की अवधि 10 वर्ष तक की होगी।

आसान भाषा में समझाने की कोशिश करें तो यदि कोई भी व्यक्ति कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए किसी के घर में छुपकर घुस जाने वाले व्यक्ति और यदि इरादा चोरी का है तो यह धारा 454 लागू की जाती है और इस धारा के अनुसार उसे दंडित किया जाता है।

 Example:  विनय अक्सर छोटी मोटी चोरी करता रहता है तो वह किसी दिन अपने आसपास के एक घर में देखता है कि उस घर में कोई नहीं है तो वह उस घर में चुपके से घुस जाता है और चोरी करने का सोचता है लेकिन तभी वहां उस घर के लोग आ जाते हैं और विनय को रंगे हाथ पकड़ लेते हैं। उसके बाद विनायक को पुलिस के हवाले कर देते हैं और विनय पर शिकायत दर्ज कर धारा 454 के अंतर्गत मामला दर्ज कर सजा सुनाई जाती है।

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आईपीसी की धारा 454 में सजा का प्रावधान (Punishment in IPC Section 454 in Hindi)

भारतीय दंड संहिता की धारा 454 के अनुसार जो भी कोई व्यक्ति कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करता है, तो ऐसे किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा 3 वर्ष की कारावास और आर्थिक जुर्माना लगाकर दंडित किया जाता हैं।

यदि वह अपराध जिसका आशय चोरी करना हो, तो कारावास की अवधि 10 वर्ष और आर्थिक जुर्माना लगा कर दण्डित किया जाता है।

यह एक संज्ञेय अपराध है और समझौता करने योग्य नहीं है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

आईपीसी की धारा 454 में जमानत का प्रावधान (Bail in IPC Section 454 in Hindi)

भारतीय दंड संहिता की धारा 454 के अनुसार जो भी कोई व्यक्ति कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करता है, तो ऐसे किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा 3 वर्ष की कारावास और आर्थिक जुर्माना लगाकर दंडित किया जाता हैं। यदि वह अपराध जिसका आशय चोरी करना हो, तो कारावास की अवधि 10 वर्ष और आर्थिक जुर्माना लगा कर दण्डित किया जाता है।

यह एक गैर जमानती अपराध है, इस अपराध में किसी भी अपराधी को जमानत मिलना काफी मुश्किल होता है। ऐसे किसी के भी घर में चुपके से घुस जाना अपराध माना जाता है। ऐसे में किसी भी अपराधी का बचना काफी मुश्किल होता है। यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं होता है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा काफी विचारणीय होता है। ऐसे अपराध में किसी भी अपराधी को जमानत मिलने में काफी समय लग जाते हैं।

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वकील की जरूरत कब लगती है।

आईपीसी की धारा 454 के अनुसार किसी के घर में बिना अनुमति के घुसकर और घुसकर चोरी का इरादा रखने वाले व्यक्ति को कार्यवाही सजा से दंडित किया जाता है और यह अपराध एक गैर जमानती अपराध है जिसमें किसी भी अपराधी को जमानत मिलना काफी मुश्किल होता है तो किसी भी अपराधी को जमानत लेने के लिए एक वकील की जरूरत लगती है जो उसे आसानी से जमानत दिलवाने में मददगार साबित हो सके।

ऐसे में किसी भी अपराधी को जमानत वही वकील दिलवा सकता है जो अपने क्षेत्र में निपुण हो और सारे रास्ते जानता हो कि कैसे किसी अपराधी को निर्दोष साबित किया जा सकता है। ऐसा ही वकील अपराधी को जल्दी जमानत दिलवाने में मददगार साबित हो सकता है।

 Note:  इस अपराध से बचने का तरीका यह है कि किसी के घर में बिना अनुमति के नहीं जाए, अगर आप चुपके से जाते है तो आप पर शिकायत दर्ज की जा सकती हैं और सजा भी सुनाई जा सकती हैं तो बेहतर है ऐसा कुछ काम नहीं करें।

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FAQ’s

Q1. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 454 क्या है।

Ans. भारतीय दंड संहिता की धारा 454 यह हैं कि यदि कोई व्यक्ति किसी के घर में बिना अनुमति के चुपके से घूस जाता है तो ऐसे व्यक्ति पर IPC Section 454 लागू होती है और यदि कोई चुपके से घुस कर चोरी का इरादा रखता हो तब भी यह धारा लागू होती है।

Q2. भारतीय दंड संहिता की धारा 454 में सजा का क्या प्रावधान है।

Ans. भारतीय दंड संहिता की धारा 454 के अनुसार यदि कोई किसी के घर में चुपके से घुस जाता है तो ऐसे व्यक्ति को 3 वर्ष की कारावास से दंडित किया जाता है।

यदि कोई घर में घुस कर चोरी का इरादा रखता हो तो ऐसे व्यक्ति को 10 की कारावास से दण्डित किया जाता है।

Q3. भारतीय दंड संहिता की धारा 454 में जमानत का क्या प्रावधान है।

Ans. भारतीय दंड संहिता की धारा 454 के अनुसार यदि कोई किसी के घर में चुपके से घुस जाता है और चोरी का इरादा रखता हो तो ऐसे व्यक्ति को कारावास से दण्डित किया जाता है और यह अपराध एक गैर ज़मानती अपराध है।

Q4. भारतीय दंड संहिता की धारा 454 में जमानत कैसे मंजूर की जाती हैं।

Ans. भारतीय दंड संहिता की धारा 454 के अनुसार यह एक गैर ज़मानती अपराध है जिसके चलते इसमें जमानत मिलना काफ़ी मुश्किल होता है, तो इस अपराध में जमानत लेने के लिए एक अनुभवी वकील को नियुक्त करना पड़ता है। वही जमानत दिलवा सकता है।

Q5. भारतीय दंड संहिता की धारा 454 संज्ञेय अपराध है या गैर – संज्ञेय अपराध?

Ans. IPC Section 454 एक संज्ञेय अपराध है।

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Conclusion

इस आर्टिकल में हमने बताया कि कैसे कारावास से दण्डनीय अपराध के लिए छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेद करने पर क्या होता है, कितनी सजा होती है, जमानत मिलना कितना मुश्किल होता है और कैसे वकील मददगार साबित हो सकता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 454 (IPC section 454 in Hindi) से जुड़ी सारी जानकारी हमने आपको बहुत ही विस्तार और आसान भाषा में समझाने की कोशिश की है।

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